अलबरूनी कौन था

अलबरूनी का पूरा नाम अबु रेहान मुहम्मद बिन अहमद अल – बदरूनी था। अलबरूनी का जन्म 973 ई. में ख्वारिज्म में हुआ था। ख्वारिज्म वर्तमान में उज्बेकिस्तान में है।

यह एक फारसी विद्वान लेखक, वैज्ञानिक, धर्मज्ञ था। अलबरूनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया था। इसे भारतीय इतिहास का पहला जानकार कहा जाता है।

अलबरूनी ने 1030 ई. में किताब-उल- हिंन्द (भारत के दिन) नामक किताब की रचना की थी। इसकी मृत्यु गजनी (अफगानिस्तान) में हुई।

अलबरूनी ने 146 किताबें लिखी थी जिनमें से प्रमुख के नाम निम्नलिखित हैं-

  • तारीख अल हिन्द
  • अल कानून अल मसूद
  • कानून अल  मसूदी अल हैयत
  • अल नजूम

भारत के प्रमुख क्षेत्रों की यात्रा कर अरबी भाषा में अपने ग्रंथ किताब-उल-हिन्द (तहकीक-ए-हिन्द) की रचना की। इस ग्रंथ में 11वी. शता. के भारतीय सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक परंपराओं की जानकारी मिलती है।

अलबरूनी  विश्व का प्रथम मुस्लिम भारतवेता है। (भारत के बारे में गहन जानकारी प्रदान करने वाला)

इसे मुन्नजिम की उपाधि मिली थी। मुन्नजिम का अर्थ है-  खगोलविद एवं ज्योतिषविद। यह अनेक भाषाओं का ज्ञाता था जैसे अरबी, फारसी, सारानी, संस्कृत।

 किताब-उल-हिन्द में भारतीय समाज में व्याप्त व्यवस्था, ब्राह्मणों की सर्वोच्चता, जाति प्रथा, अछूतों की दयनीय स्थिति, महिलाओं की दयनीय स्थिति तथा सामाजिक परंपराओं का उल्लेख किया गया है।

अलबरूनी कहता है कि भारत के ब्राह्मण विद्वान हैं, लेकिन उनमें कूप – मंडूता है। उनका विदेशों से संपर्क नहीं है वे केवल अपने क्षेत्र, अपने धर्म, अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बताते हैं।

Reference : http://www.indiaolddays.com

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