अजंता

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल :अजंता

राष्ट्र प्रान्त के ओरंगाबाद जिले में अजन्ता नाम की पहाड़ी है। हैदराबाद के समीप जलगाँव नामक रेलवे स्टेशन से लगभग 37 मील की दूरी पर फरदापुर नामक ग्राम है। यहाँ से 2 मील दक्षिण – पश्चिम की ओर अजन्ता नामक ग्राम बसा हुआ है। इसी के नाम पर पहाड़ी का नाम अजन्ता पड़ गया।

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अतरंजीखेड़ा

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल अतरंजीखेड़ा

उत्तर प्रदेश में एटा जिले से दस मील की दूरी पर काली नदी के तट पर यह स्थान स्थित है। अनुश्रुति के अनुसार इस स्थान की नींव राजा बेन ने डाली थी।

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अन्हिलवाड़

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल:अन्हिलवाड़

गुजरात के चौलुक्य या सोलंकी वंश के शासकों की यह राजधानी थी। किंवदन्ती के अनुसार अरब आक्रमणकारियों द्वारा बलभी नगर नष्ट कर दिये जाने पर वहाँ राजपूतों ने अन्हिलवाड़ की स्थापना की थी।

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अहिच्छत्र

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल : अहिच्छत्र

अहिछत्र की पहचान बरेली स्थित वर्तमान राजनगर नामक स्थान से की जाती है। यह उत्तरी पञ्चाल की राजधानी थी। महाभारत तथा पूर्व बौद्ध काल में यहाँ प्रसिद्ध नगर था। महाभारत से पता चलता है कि द्रोण ने पाञ्चाल नरेश द्रुपद को हराकर अहिच्छत्र को अपने अधिकार में कर लिया था। अशोक ने यहाँ स्तूप बनवाया था।

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अनूप

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल :अनूप

मध्य प्रदेश के इन्दौर जिले में स्थित महेश्वर तथा उसका आस-पास का क्षेत्र प्नाचीन समय में अनूप जनपद का निर्माण करते थे। यह स्थान नर्मदा नदी के तट पर बसा हुआ था। शक – सातवाहन युग में यह एक प्रसिद्ध नगर था जिस पर आधिपत्य के लिए दोनों वंशों में युद्ध हुए।

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अफसढ़

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल : अफसढ़

बिहार के गज जिले में यह स्थान स्थित है। यहाँ से एक लेख मिला है जो परवर्ती अथवा उत्तर गुप्त वंश के इतिहास पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है। यह लेख आदित्यसेन द्वारा खुदवाया गया था। इसमें उत्तर गुप्तों की वंशावली कृष्णगुप्त से लेकर आदित्यसेन के समय तक मिलती है। साथ ही साथ यह लेख मौखरि तथा उत्तरगुप्तों के संघर्ष पर भी प्रकाश डालता है।

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अमरावती

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल :अमरावती

आन्ध्रप्रदेश के गुन्टूर जिले में कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती नामक नगर प्राचीन काल में आन्ध्र प्रदेश की राजधानी था। सातवाहन वंश के राजा शातकर्णि प्रथम ने यहाँ अपनी राजधानी बसाई थी। सातवाहन काल में यह प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं आर्थिक केन्द्र था।

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अपरान्त

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल अपरान्त

महाराष्ट्र प्रान्त का उत्तरी कोंकण क्षेत्र इसके अन्तर्गत था। प्राचीन साहित्य में इस स्थान का प्रयोग पश्चिमी देशों को इंगित करने के लिए किया गया है। महावंश के अनुसार अशोक ने धर्मरक्षित को अपरान्त में बौद्ध धर्म के प्रचारार्थ भेजा था। वहाँ अपरान्त से तात्पर्य पश्चिम देशों से है।

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अयोध्या

प्राचीन इतिहास तथा संस्कृति के प्रमुख स्थल : अयोध्या

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के समीप सरजू सरिता के तट पर स्थित अयोध्या नामक नगर भगवान राम की पुण्य – भूमि होने के कारण इतिहास एवं साहित्य में अत्यन्त प्रसिद्ध है। रामायण काल में अयोध्या कोशल राज्य की राजधानी थी। रामायण से पता चलता है कि यह लगर बारह(12) योजन लम्बा और तीन(3) योजन चौड़ा था। नगर में अनेक सुन्दर व चौड़ी सड़के तथा भव्य राजप्रसाद अवस्थित थे।

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