जैन धर्म : महत्त्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

जैन धर्म से संबंधित महत्त्वपूर्ण प्रश्न , जो कई परीक्षाओं में बार-2 पूछे जाते हैं।

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प्रश्नः1. जैन धर्म के प्रथन तीर्थंकर माने जाते हैं-

उत्तरः ऋषभदेव।

प्रश्नः2. किस तीर्थंकर का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है-

उत्तरः ऋषभदेव ।

प्रश्नः3. जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म कहाँ हुआ था-

उत्तरः काशी। 

प्रश्नः4. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म हुआ-

उत्तरः 540 ई.पू.।

प्रश्नः5. महावीर स्वामी को किस नदी के तट पर ज्ञान प्राप्त हुआ-

उत्तरः ऋजुपालिका नदी ।

 प्रश्नः6. कितने वर्षों की तपस्या के बाद महावीर स्वामी जिन कहलाये-

उत्तरः 12 वर्ष।

प्रश्नः7. महावीर स्वामी की मृत्यु हुई-

उत्तरः पावा में।

प्रश्नः8. पार्श्वनाथ के अनुयायियों को कहा जाता था-

उत्तरः निर्ग्रंथ। 

प्रश्नः9. किस ग्रंथ में महावीर स्वामी के ज्ञान प्राप्त का सविस्तार वर्णन मिलता है-

उत्तरः कल्पसूत्र में।

प्रश्नः10. महावीर स्वामी ने पाचवां कौनसा क्रम पंचमहाव्रत में जोङा-

उत्तरः ब्रह्मचर्य।



प्रश्नः11. जैन दर्शन के सप्तभंगी ज्ञान को कहा जाता है-

उत्तरः स्यादवाद।

प्रश्नः12. जैन दर्शन ज्ञान का स्रोत किसे मानता है-

उत्तरः प्रत्यक्ष, अनुमान, शब्द।

प्रश्नः13. कौनसे जैन तीर्थंकर को कला में सर्पकला से युक्त प्रस्तुत किया जाता है-

उत्तरः  पार्श्वनाथ ।

प्रश्नः14. जैन धर्म में संवर एक ऐसी अवस्था है जिसमें –

उत्तरः जब नये कर्म का प्रवाह रोक दिया जाता है।

प्रश्नः15. जैन धर्म में निर्जरा किस अवस्था को कहा जाता है-

उत्तरः कर्म परमाणुओं के पूर्ण विनाश को सूचित करने वाली अवस्था को।

प्रश्नः16.जैन धर्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है-

अ) यह कर्मवाद में विश्वास करता है।

ब) यह कर्मवाद में विश्वास नहीं करता।

स) यह कर्मवाद के बारे में मौन है।

द) यह कर्मवाद की भर्तसना करता है।

उत्तरः अ) यह कर्मवाद में विश्वास करता है।

प्रश्नः17. कौनसा पर्वत जैनों में पवित्र माना जाता है-

उत्तरः चंद्रगिरि पर्वत।

प्रश्नः18. जैन संघ के सदस्य कितने संघों में विभक्त थे-

उत्तरः 2 संघों में।

प्रश्नः 19.जैन दर्शन के अनुसार सृष्टि की उत्त्पत्ति कितने द्रव्यों से हुई-

उत्तरः 5 द्रव्यों से।

प्रश्नः20. जैन धर्म में किस सिद्धांत पर सबसे अधिक बल दिया गया है-

उत्तरः अहिंसा पर।

प्रश्नः21. जैन धर्म को दक्षिण भारत ले जाने का श्रेय किसे दिया जाता है-

उत्तरः भद्रबाहु को।

प्रश्नः22. किस अभिलेख से यह जानकारी मिलती है कि नंद राजा ने कलिंग से प्रथम जिन की मूर्ति उठा ली थी-

उत्तरः भद्रबाहु से।



प्रश्नः23. जैन धर्म का प्रथम अधिवेशन कहां तथा किसकी अध्यक्षता में हुआ-

उत्तरः पाटलिपुत्र में तथा स्थूलभद्र की अध्यक्षता में।

प्रश्नः24. जैन अनुयायियों द्वारा आयोजित दूसरी महासभा का अधिवेशन कहां तथा किसकी अध्यक्षता में हुआ-

उत्तरः वल्लभी तथा क्षमाश्रमण की अध्यक्षता में।

प्रश्नः25. जैन धर्म के श्वेतांबर तथा दिगंबर सम्प्रदाय कब अस्तित्व में आये-

उत्तरः प्रथम अधिवेशन के बाद।

प्रश्नः26. जैन धर्म से संबंधित ग्रंथों को कहा जाता है-

उत्तरः अंग, उपांग तथा पूर्व।

प्रश्नः27. कालांतर में जैन धर्म ने अपना प्रभाव स्थापित किया-

उत्तरः पश्चिमी भारत में।

प्रश्नः28. जैन ग्रंथ किस भाषा में लिखे गये-

उत्तरः प्राकृत तथा संस्कृत दोनों में।

प्रश्नः29. उपासक जीवन के विधि – निषेधों एवं आचार-विचारों का संग्रह है-

उत्तरः उवांसग दशाओं में।

प्रश्नः30. जैन धर्म ग्रंथों के टीकाकार हैं-

उत्तरः नेमिचंद्र सूरि।

प्रश्नः31. निम्नलिखित में से किस शासक वंश ने जैन धर्म को प्रश्रय दिया-

अ) परमार

ब) प्रतिहार

स)चालुक्य

द)चोल

उत्तरः स) चालुक्य।

प्रश्नः32. जैन मठों को क्या कहा जाता है-

उत्तरः बसदि।

प्रश्नः33. जैन धर्म में इंद्रिय जनित ज्ञान को क्या कहा जाता है-

उत्तरः मति ज्ञान।

प्रश्नः34. जैन धर्म में किसे अनस्तिकाय तथा एक प्रदेश व्यापी द्रव्य माना गया है-

उत्तरः काल को।

प्रश्नः35. जैन धर्म है-

अ) प्रत्ययवादी

ब) निपेक्षवादी

स) ईश्वरवादी

द) वस्तुवादी

उत्तरः द) वस्तुवादी।

प्रश्नः 36. “नय सिद्धांत” किस धर्म से संबंधित है-

उत्तरः जैन धर्म से।

प्रश्नः37. ईश्वरीय सत्ता के संदर्भ में जैन धर्म निम्नलिखित में से किसके करीब है-

अ) बौद्ध एवं प्राचीन सांख्य

ब) बौद्ध एवं न्याय

स) न्याय एवं वेदान्त दर्शन

द) बौद्ध, चार्वाक, एवं प्राचीन सांख्य

उत्तरःद) बौद्ध, चार्वाक एवं प्राचीन सांख्य से।

प्रश्नः38. प्रसिद्ध जैन ग्रंथ “लोक विभंग” की रचना किसने की

उत्तरः मुनिसर्वनंदी ने।

प्रश्नः39. कुमारगुप्त प्रथम के समय शंकर नामक व्यक्ति ने किस तीर्थंकर की मूर्ति का निर्माण कराया-

उत्तरः पार्श्वनाथ।

प्रश्नः40. गुप्तकाल में श्वेतांबर सम्प्रदाय का केन्द्र था-

उत्तरः मथुरा एवं वल्लभी।



प्रश्नः41. किस अभिलेख से पता चलता है कि भद्र नामक व्यक्ति ने 5 जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों की स्थापना कराई थी-

उत्तरः कहौम का अभिलेख।

प्रश्नः42. किस गुप्तकालीन महिला का मथुरा अभिलेख के अनुसार जैन मंदिर को दान देने का जिक्र  हुआ है-

उत्तरः हरिस्वामिनी।

प्रश्नः43. गुप्तोत्तर काल में वह कौन जैन आचार्य था जिसने जैनधर्म का भरपूर प्रचार-प्रसार किया-

उत्तरः हरिभद्र सूरि।।

प्रश्नः44. प्रसिद्ध आचार्य हरिभद्र सूरि कि रचना का नाम क्या है-

उत्तरः अनेकांत विजय एवं धर्मबिन्दु।

प्रश्नः45. प्रसिद्ध आचार्य जिनसेन किसके गुरू थे-

उत्तरः अमोघवर्ष।

प्रश्नः46. दसवीं शता. के बाद किन राजवंशों ने जैन धर्म को संरक्षण प्रदान किया-

उत्तरः पश्चिमी चालुक्यों एवं होयसल राज्यों ने।

प्रश्नः47. प्रशस्ति संग्रह किस धर्म से संबंधित है-

उत्तरः जैन धर्म से।

प्रश्नः48. बौद्ध तथा जैन धर्म में असमानता है-

उत्तरः आत्मा ।

प्रश्नः49. जैन धर्म में मोक्ष या निर्वाण प्राप्ति के लिए आवश्यक है-

उत्तरः त्रिरत्न।

प्रश्नः50. जैन धर्म में सल्लेखना से तात्पर्य है-

उत्तरः उपवास द्वारा शरीर का अंत।

प्रश्नः51. जैन संघ के सदस्य कितने वर्गों में विभक्त थे-

उत्तरः 4 वर्गों में(भिक्षु, भिक्षुणी, श्रावक, श्राविका)

प्रश्नः52. जैन संघ के 11 गणधर का तात्पर्य है-

उत्तरः महावीर स्वामी द्वारा विभाजित गणों के प्रधान।

Reference : http://www.indiaolddays.com

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